साहिबगंज जिले में चेकनाका के बंद होते ही बढ़ा पत्थर माफियाओं का मनोबल : सड़कों पे खुलेआम दौड़ने लगी ओवरलोडेड ट्रकें : प्रशासन मौन

बीच बाज़ार से जाता ओवरलोड ट्रक-3

बरहरवा: झारखंड के साहिबगंज जिले में अवैध खनन की रोकथाम, जाली माइनिंग चालान की जाँच एवं राजस्व चोरी की रोकथाम के लिए मंडरो प्रखंड के मिर्जाचौकी एवं बरहरवा प्रखंड के रिषोड में खनन, परिवहन, वाणिज्य एवं राजस्व विभाग का संयुक्त चेकनाका स्थापित किया गया था।

चेकनाकों के संचालन के लिए उपर्युक्त दोनो जगहों पर तीन-तीन पालियों में एक-एक दंडाधिकारी एवं सहायक के साथ पुलिस के जवानों की प्रतिनियुक्ति की गई, लेकिन राज्य एवं जिला प्रशासन की लाख कोशिसों के बाद भी इन सब पर रोक लगा पाना काफी मुश्किल रहा।

चेकनाका पे तैनात पुलिस के जवान व मजिस्ट्रेट के खिलाफ लगातार मिल रही अवैध वसूली की शिकायत के बाद से जिला खनन टास्क फोर्स ने एक बैठक की और निर्णय लिया कि जिले में स्थित दोनों चेकनाका को बंद कर दिया जाए। प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि जाली ओर बिना माइनिंग चालान व ओवरलोडेड ट्रकों के परिचालन पर रोक लगाने के मकसद से दोनों स्थानों पर खनन चेकनाका स्थापित किया गया, लेकिन दोनों ही मकसद से चेकनाका विफल रहा और राजस्व वसूली में भी दोनों चेकनाका मददगार साबित नहीं हुआ।

खनन पदाधिकारी कृष्णा किस्कु ने कहा कि एक स्पेशल छापेमारी दल का गठन किया गया है, ये दल नियमित रूप से बिना माइनिंग चालान एवं ओवर लोड ट्रकों के खिलाफ कार्रवाई करेगी।

मंगलवार से चेकनाका के बंद होते ही पत्थर माफियाओं के मनोबल पूरी तरह से बढ़ गया और बिना माइनिंग की ओवरलोड गाड़ियां सड़कों पे बिना रोकटोक तेज़ रफ़्तार में दौड़ने लगी हैं, लेकिन छापेमारी दल का कहीं कोई अता-पता नहीं है।

अचानक ही ओवरलोडेड गाड़ियों का परिचालन बढ़ जाने से स्थानीय लोगों को परेशानियों का सामना पड़ रहा है, स्टेशन चौक पे ट्रकों के जाम लगने से परिचालन बाधित हो रहा है।

सूत्रों के अनुसार लोगों ने इसकी शिकायत स्थानीय एवं जिला प्रशासन से की लेकिन किसी की तरफ से कोई भी कार्रवाई नहीं की गई, न ही विशेष छापेमारी दल कोई ठोस कदम उठती नज़र आ रही है।

प्रशासन के इस रवैये से पत्थर माफिया तो काफी खुश है लेकिन आम जनता परेशान हो रही है।