झारखंड: एक महीने में ‘भूख’ से तीसरी मौत, जांच के आदेश

Jharkhand-starvation-deathझारखंड में पिछले एक महीने में कथित रूप से भूख से मौत का तीसरा मामला सामने आया है। तीसरी मौत देवघर जिले में हुई है। आरोप है कि जिले के 64 वर्षीय रूपलाल मरांडी की मौत भी भूख से हुई है। उधर, देवघर डेप्युटी कमिश्नर ने इस मामले की जांच के लिए एक समिति गठित कर दी है।

मरांडी के परिवार के लोगों ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से घर में अन्न का एक दाना नहीं होने के कारण भूख से रूपलाल की मौत हुई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक रूपलाल की बेटी सनोडी मरांडी ने बताया कि घर में राशन नहीं होने के कारण पिछले कुछ दिनों से कुछ भी खाने को नहीं था।

खबरों के मुताबिक पैर में फ्रैक्चर होने के कारण रूपलाल चलने में असमर्थ थे। इस कारण से उनकी बेटी सनोडी को राशन वितरण केंद्र पर राशन लेने जाना पड़ा था। पर, बायोमिट्रिक मशीन में अंगूठे का मिलान नहीं होने के कारण राशन नहीं मिला था।

उधर, रूपलाल की मौत भूख से होने के दावे को सिरे से खारिज करते हुए मोहनपुर खंड विकास अधिकारी अशोक कुमार ने कहा, ‘सितंबर में इस परिवार को राशन दिया गया था। ऐसे में भूख से मौत का सवाल ही नहीं उठता।’

गौरतलब है कि झारखंड की सरकार पिछले एक महीने में लगातर कथित रूप से भूख से हुई मौत को लेकर घिरी हुई है। पहला मामला झारखंड के सिमडेगा जिले में 11 साल की एक मासूम संंतोषी कुमारी की मौत का सामने आया। उसके बाद धनबाद में भी एक ऐसा ही मामला सामने आया जिसमें घर में राशन नहीं होने से रिक्शाचालक की मौत हो गई।