7वें महिला विज्ञान कांग्रेस का इंफाल में उद्घाटन

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पश्चिम बंगाल के राज्यपाल श्री केशरी नाथ त्रिपाठी ने संस्थागत व्यवस्थाओं के भीतर निर्मित्त प्रौद्योगिकी के नवोन्मेषी उपयोग के जरिये महिला सशक्तिकरण की आवश्यकता अभिव्यक्त करते हुए जोर देकर कहा है कि महिलाओं को राष्ट्रीय विकास की मुख्यधारा में लाए जाने की जरुरत है।

आज इंफाल में भारतीय विज्ञान कांग्रेस के 105वें सत्र में 7वें महिला विज्ञान कांग्रेस का उद्घाटन करते हुए श्री त्रिपाठी ने बताया कि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में महिलाओं का प्रतिनिधित्व उम्मीद से कहीं कम है। उन्होंने कहा कि उचित शिक्षा, प्रेरणा एवं मानव संसाधन का अधिकतम उपयोग आज वक्त का तकाजा है। उन्होंने कहा कि 7वां महिला विज्ञान कांग्रेस राष्ट्र निर्माण की दिशा में एक उल्लेखनीय कदम है।

अपने मुख्य संबोधन में कुलपति प्रोफेसर आद्या प्रसाद पांडेय ने कहा कि महिलाएं न केवल अच्छा वैज्ञानिक साबित हो सकती हैं बल्कि वे परिवार एवं समाज में ज्ञान का दीप भी जला सकती हैं।

इस अवसर पर भारतीय विज्ञान कांग्रेस एसोसिएशन के महासचिव प्रो. पी पी माथुर ने कहा कि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में महिलाओं की सहभागिता निश्चित रूप से बढ़नी चाहिए।